लोकतंत्र के राजा चिरायु हों,चिरायु
हों
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन
यादव सुन्दरलाल पटवा की मूर्ति का अनावरण करने भोपाल से सटे मंडीदीप
आने वाले थे.इस पर जुट गया पीडब्लूडी का अमला वहां की सड़क को संवारने.इस गलतफहमी में
मत रहिएगा जब आप वहां से गुजरेंगे तब सड़क ऐसे ही सजी संवरी मिलेगी.कारण यह की भैया
को भरमाने के लिए तदर्थ तौर से सड़क को सँवारा जाएगा और एकाध रोज
में ही इसके चीथड़े उड़ने लगेंगे और यह फिर से हमारे आपके चलने लायक
हो जाएगी.तो यह है लोकतंत्र के जनसेवकों के शाही ठाठबाट जिनके आगे पुराने राजा नवाबों
के जलवे भी फीके नजर आएंगे.ऐसी नौटंकी मामा शिवराज के दौर में भी होती थी.उनको भी जहाँ-जहाँ
मोटर से जाना होता सरकारी अमला सड़क को अमेरिका जैसी बनाने में जुट जाता था. इसी कवायद
के चलते शिवराज को प्रदेश की सड़कें अमेरिका की सड़कों से बेहतर नजर आईं थीं.जिस पर उनका
खूब मजाक उड़ा था.
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश हैं की मंत्रालय परिसर में हैलीपैड बनाया जाए ताकि बाहर से आने पर एअरपोर्ट से वे सीधे पहुँच सकें.उनका मानना है की इससे आम लोंगो को परेशानी नहीं होगी जिन्हें अभी मेरे कारकेड के गुजरने के लिए रोक दिया जाता है.शिवराज ने भी मंत्रालय और उनके बंगले में हैलीपेड़ निर्माण के निर्देश दिए थे ताकि उनके काफिले के बंगले/मंत्रालय आनेजाने से जनता को होने वाली परेशानी से बचा जा सके.पर ना शिवराज ने ना मोहन यादव ने निर्देश दिया की राजधानी और अन्य शहरों में उनकी आवाजाही के समय गाड़ियों का काफिला ना हो सिवाय सुरक्षा की एक दो गाड़ियों के.

