मंत्री शिवराज के काफिले में 22 गाड़ियाँ.!
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भारत सरकार में किसानों के कल्याण संबंधी महकमें के मंत्री शिवराजसिंह
चौहान के गुजरात दौरे से संबंधित एक दिलचस्प खबर दैनिक भास्कर में पहले पेज पर
सबसे ऊपर तीन फोटो सहित चार कालम में छपी है.इसके ऊपर छपने का कारण मामा (हमारे
मध्यप्रदेश में वो इसी रिश्ते से पहचाना जाना पसंद करते हैं) का जल्दबाजी के चलते
मामी याने पत्नी साधनासिंह को भूल कर पीछे छोड़ जाना था.गलती का एहसास होते ही मामा
का 22 गाड़ियों वाला काफिला यू-टर्न
लेकर वापस मुड़ा और उन्हें लेकर फिर दौड़ पड़ा.
अब अख़बार की दिलचस्पी भले मामा के मामी को भूलने तक सीमित हो पर हमें खबर
में कई झोल नजर आए.मसलन मंत्री के काफिले में भी 22-22 गाड़ियाँ होती हैं.?अब अंदाज लगाइए की राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे ताकतवर मंत्री,प्रदेशों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के काफिले में
कितनी गाड़ियाँ होती होंगी..? दूसरे शिवराज अगर पत्नी को भूल आए थे तो एक संदेश चले
जाने पर तुरंत विशेष वाहन से उनको बुलवा काफिले में शामिल किया जा सकता था.तो यह
है हमारे लोकतंत्र के राजाओं/महाराजाओं का जलवा जलाल जो अब पुराने राजा महाराजाओं
की शानो शौकत को मात देता नजर आने लगा है.!
